Breaking News
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Dhanbad : बीआईटी कल्चरल सोसाइटी में धूमधाम से मनाया गया करम महोत्सव, प्रकृति रक्षा और एकता का दिया संदेश

SHARE:

फ़तेह लाइव, रिपोर्टर। 

झारखंड का प्रमुख और पावन प्रकृति पर्व करम बीआईटी कल्चरल सोसाइटी (BCS) द्वारा अत्यंत हर्षोल्लास और पारंपरिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सोसाइटी के प्रोफेसर इनचार्ज डॉ. अजय उरांव और सोसाइटी के विद्यार्थियों द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर किया गया।

इस गरिमामयी उत्सव में मुख्य रूप से संस्थान के निदेशक (डायरेक्टर) डॉ. पंकज राय, प्लेसमेंट ऑफिसर डॉ. घनश्याम, डॉ. वर्मा, डॉ. संग्राम, डॉ. मुर्मू, डॉ. मिंज, डॉ. अभिषेक, डॉ. अमर, डॉ. संजय उरांव एवं डॉ. निशिकांत किस्कु सहित कई अन्य प्रोफेसर और गणमान्य शिक्षक उपस्थित रहे। निदेशक एवं प्रोफेसरों ने दिया प्रकृति और एकता का संदेशपूजा के शुभ अवसर पर निदेशक डॉ. पंकज राय और प्रोफेसर इनचार्ज डॉ. अजय उरांव ने करम पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला।

Gambhir Car Associate Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि करम का त्योहार हमें प्रकृति की रक्षा करने और आपस में एकता एवं भाईचारा बनाए रखने की सीख देता है। इस संदेश का समर्थन करते हुए कार्यक्रम में मौजूद डॉ. घनश्याम, डॉ. वर्मा, डॉ. संग्राम, डॉ. मुर्मू, डॉ. मिंज, डॉ. अभिषेक, डॉ. अमर, डॉ. संजय उरांव और डॉ. निशिकांत किस्कु सहित सभी प्रोफेसरों ने भी संयुक्त रूप से इस बात पर जोर दिया।

सभी शिक्षकों ने एक सुर में कहा कि पर्यावरण का संरक्षण और सामाजिक एकता आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत है, और करम पर्व हमें इसी मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने पारंपरिक मांदर की थाप पर नृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा परिसर झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक आभा से सराबोर हो उठा।

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर