प्रधान भगवान सिंह बोले, सिखों के साथ पक्षपात रवैया अब बर्दाश्त से बाहर, जेल जाने से भी पीछे नहीं हटेंगे
सांसद ने दिया साथ का भरोसा, कल एजीएम को टाटानगर में मिलेंगे, 7 अक्टूबर को डीआरएम से मिलेगा प्रतिनिधिमंडल : शैलेन्द्र सिंह
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
टाटानगर स्टेशन से चलने वाली टाटा अमृतसर टाटा जालियांवाला बाग (18103-18104) ट्रेन को लगातार पांचवें सीजन पर कोहरे का हवाला देकर रद्द किये जाने से जमशेदपुर के सिख उग्र हो गए हैं। उन्होंने रेलवे के प्रति अपनी नाराजगी रविवार को साकची स्थित केंद्रीय गुरुद्वारा कमेटी (सीजीपीसी) के कार्यालय में जाहिर की, जिसमें सिख समाज के साथ साथ अन्य लोगों का भी समर्थन देखने को मिला। सभी ने एक स्वर रेलवे के निर्णय को वापस लेने के लिए आंदोलन करने की हामी भरी। अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि केवल जालियांवाला बाग और आनंद विहार ट्रेन में ही कुहासे की मार क्यों पड़ती है, जबकि अन्य ट्रेनें भी लंबी दूरी की है। सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह ने कहा कि दिसंबर का महीना समूह नानक नाम लेवा संगत के लिए महत्वपूर्ण है।
इस माह को सिख शहीदी सप्ताह के रूप में मनाते हैं, जब गुरु गोबिंद सिंह का साहेबजादों से विछोड़ा हो गया था और उन्होंने समस्त मानव जाति के लिए बलिदान दिया था। इस महीने सिख शहादत दिवस पर पंजाब के सरहंद जाते हैं। ऐसे में ट्रेन को रद्द करके हर साल परेशानी दी जाती रही है। इसके अलावा जहां प्रधानमंत्री रेलवे के विकास में जोर दे रहे हैं, ऐसे में सिखों की भावनाओं को समझते हुए नई ट्रेन चलाई जानी चाहिए ना कि जो सप्ताह में तीन दिन चल रही है। उसे भी बंद करना चाहिए। इस मामले में केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय को विचार किया जाना चाहिए।
इस आपात बैठक को मुख्य रूप से सीजीपीसी के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने सम्बोधित करते हुए पंथ को एकजुट होकर रेलवे की कूटनीति के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ने के लिए तैयार होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा की सिखों के साथ बार बार रेलवे सौतेला व्यवहार कर रही है, जो अब बर्दाश्त से बाहर है। उन्होंने कहा कि रेलवे अगर अपना निर्णय वापस नहीं लेती है तो धरना प्रदर्शन से लेकर ट्रेनों को रोकने का काम किया जायेगा। जेल जाने के लिए वह सबसे आगे होंगे। उन्होंने हर साल मुद्दे पर फोटो खिंचवाने वाले नेताओं पर भी कड़ी टिप्पणी की और कहा कि वैसे लोगों से हमें बचना चाहिए, जो इस सर्वदलीय बैठक का हिस्सा नहीं बने।
चेयरमैन सरदार शैलेन्द्र सिंह ने भी अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए उपस्थित जनसमूह को बताया कि सांसद विद्युत वरण महतो ने दूरभाष पर अपना समर्थन देने का भरोसा दिया है, लेकिन शाम को वे फिर भी उनके आवास पर मिलने जायेंगे। सोमवार को टाटानगर के दौरे पर आने वाले दक्षिण पूर्व रेलवे के उप महाप्रबंधक मनीष जैन से मिलकर अपनी बात रखेंगे।

सात अक्टूबर को चक्रधरपुर मंडल मुख्यालय में डीआरएम तरुण हुरिया से मिलने का समय मिला है। उस दिन सुबह नौ बजे सभी सीजीपीसी कार्यालय से एकजुट होकर चलेंगे। उसके बाद भी निर्णय वापस नहीं हुआ तो दुर्गापूजा बाद आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए धरना प्रदर्शन करेंगे। उसके बाद भी नहीं सुनी गई तो ट्रेनें रोकने से भी पीछे नहीं हटेंगे। नतीजा चाहे जो भी आये।
बैठक में उपस्थित कांग्रेस के जिला अध्यक्ष परविंदर सिंह ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोला और आम जन की इस समस्या को लेकर कांग्रेस पार्टी का नैतिक नहीं पूर्ण समर्थन देने की घोषणा की और इसे निर्णायक लड़ाई बनाकर लड़ने की बात कही।
बैठक की कार्रवाई गुरु चरणों में अरदास कर शुरू की गई, जिसके बाद झामुमो नेता अवतार सिंह संधू, गोलपहाड़ी के प्रधान लविंदर सिंह, कांग्रेस के जिला महामंत्री गुरदीप सिंह काके, बर्मामाइंस से जोगा सिंह, नामदाबस्ती से दलजीत सिंह, टुईलाडुंगरी से सतबीर सिंह, सोनारी से सुखविंदर सिंह, जदयू जिला महामंत्री कुलविंदर सिंह पन्नू, गौतम बोस, जसवंत सिंह जस्सू, टिनप्लेट के प्रधान सुरजीत सिंह खुशीपुर, सीजीपीसी महासचिव गुरचरण सिंह बिल्ला, निर्मल दास, बीबी दलबीर कौर, सीजीपीसी के वरीय उपाध्यक्ष चंचल सिंह, मजदूर नेता सह कांग्रेस के महासचिव परविंदर सिंह सोहल, भाजपा नेता राज कुमार दास ने भी सम्बोधित किया और सीजीपीसी के साथ कंधा से कंधा मिलाकर आंदोलन को अंजाम तक पहुंचाने की आवाज बुलंद की।
ये भी रहे मौजूद
बैठक में सुखविंदर सिंह राजू, हरविंदर सिंह मंटू, भाजपा नेता जोगिंदर सिंह जोगी, अजीत गंभीर, जिला कांग्रेस के कोषाध्यक्ष गुरदीप सिंह, सुखदेव सिंह बिट्टू, सरबजीत ग्रेवाल, गुरनाम सिंह बेदी, सेंट्रल सिख स्त्री सत्संग सभा की प्रधान बीबी रविंद्र कौर, महासचिव परमजीत कौर, इंद्रजीत कौर, किरण कौर, रज्जी कौर, हरदीप सिंह छनिया, गुरचरण सिंह टीटू, सुरेंद्र सिंह शिंदे, इंद्रजीत सिंह साब, इंद्रजीत सिंह इंदर, जत्थेदार अमरीक सिंह, पाठी राजवीर सिंह, गुरबचन सिंह राजू, राजू पांडे, सुखवंत सिंह सुक्खू समेत विभिन्न गुरुद्वारों के प्रधान व महासचिव समेत ट्रेन रद्द होने से परेशान यात्री मौजूद रहे।




































