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Chandil : वनराज स्टील ने 55 करोड़ नहीं दिए और बंद कर दिया बिहार स्पंज

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बिहार स्पंज आयरन के वरीय महाप्रबंधक ने वनराज स्टील के समझौता तोड़ने का किया खुलासा

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

बिहार स्पंज आयरन लिमिटेड (चांडिल) का संचालन कर रही वनराज स्टील प्राइवेट लिमिटेड के बीच उपजे विवाद के बीच जहां कंपनी पूरी तरह बंद कर दी गई है. वहीं आज कंपनी की ओर से इसके अंदरुनी कारणों का खुलासा किया गया है. बिहार स्पंज आयरन (चांडिल) के सीनियर जेनरल मैनेजर आर के शर्मा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि वनराज स्टील प्राइवेड लिमिटेड (आधुनिक ग्रुप) पर बिहार स्पंज का अलग-अलग मदों में लगभग 55 करोड़ रु. का बकाया हो गया है.

शर्मा ने कहा कि बिहार स्पंज आयरन ने जनवरी 2021 में कारखाने की मरम्मत एक एजेन्सी की देखरेख में की, जिसे वनराज द्वारा नामित किया गया था, कराया गया था. एकरारनामा के अनुसार कारखाने में तीनों क्लीन्स, ईएसपी, पावर प्लांट, आरएमपी एंव रेलवे साइडिंग की अच्छी तरह से मरम्मत किया गया, जिसमें मेन्टेनेंस कराने में लगभग 60 करोड़ रूपये बिहार स्पंज द्वारा खर्च किया गया. तत्पश्चात 7 जनवरी, 2022 में कारखाने को तृतीय पक्ष के सत्यापन के बाद वनराज को सौंपा गया.

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उन्होंने आरोप लगाया कि कारखाना चलाने के दौरान वनराज स्टील द्वारा मशीनों का मेन्टेनेंस नहीं कराया जाता था जिससे प्लांट की मशीनरी का बहुत बुरा हाल हो गया. ईएसपी, जो कि प्रदूषण को कंट्रोल करता है, उसे भी नहीं चलाते थे और न ही मेन्टेनेंस कराते थे. बिहार स्पंज आयरन ने दोबारा वनराज को 70 लाख रुपया दिया था ताकि प्लांट से निकलने वाले धुंए को कंट्रोल किया जा सके. यही नहीं, वनराज स्टील द्वारा जनवरी 2022 से पानी के बिल का भुगतान भी नियमानुसार नहीं किया जा रहा है, जिस कारण जल विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है.

वनराज द्वारा जल कर के एवज में लगभग 9 करोड़ रु. बकाया है. विज्ञप्ति में शर्मा ने वनराज स्टील द्वारा बिहार स्पंज आयरन को विभिन्न मदों में देय राशि की एक सूची जारी की है, जिसका कुल रकम लगभग 55 करोड़ रु. है. इसमें बिजली-1.5 करोड़, पानी-8 करोड़, क्रेडिटर-24 करोड़, रेंट-4 करोड़, जीएसटी-3.5 करोड़, रेलवे-1 करोड़, मरम्मत (तीनों क्लीन, रोड आदि)-12 से 15 करोड़ एवं स्टोर-1 करोड़ आदि मुख्य है.

स्थानीय ठेकेदारों का करोड़ों रु. बकाया

उन्होंने कहा कि वनराज ने 5 फरवरी, 2026 को बिहार स्पंज आयरन के प्रबंधकों को कोई सूचना नहीं दी और प्लांट बंद कर दिया. वनराज ने समिति एंव कर्मचारियों को भी कोई नोटिस नहीं दिया, जिसकारण कंपनी के कर्मचारियों एंव स्थानीय ठेकेदारों का करोड़ो रूपये का भुगतान बकाया है.

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