आगामी चुनाव में 200 सदस्यीय यूनियन कमेटी, आगे MOR/50 के आधार पर तय होगी संख्या
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में टाटा वर्कर्स यूनियन के 106 साल के इतिहास में संविधान एवं बाई-लॉज में चौथा महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। संशोधन को पहले यूनियन की कार्यकारिणी समिति और उसके बाद पिछले वर्ष आयोजित वार्षिक आमसभा (AGM) से मंजूरी मिल चुकी थी। अब झारखंड सरकार के रजिस्ट्रार ने भी इसे अंतिम स्वीकृति प्रदान कर दी है।
आगामी चुनाव में 200 सदस्यीय कमेटी
संशोधन के तहत आगामी चुनाव के लिए यूनियन कमेटी में 200 सदस्य होंगे। इसके बाद कमेटी की सदस्य संख्या MOR/50 के आधार पर निर्धारित की जाएगी, लेकिन यह संख्या किसी भी स्थिति में 160 से कम नहीं होगी। इससे यूनियन की कमेटी की संख्या बदलती मैनपावर और संगठनात्मक ढांचे के अनुरूप निर्धारित करने में सुविधा होगी।
यूनियन का कार्यकाल भी हुआ स्पष्ट
संशोधित बाई-लॉज के अनुसार यूनियन का कार्यकाल Industrial Relations Code, 2020 में लागू प्रावधानों के अनुरूप होगा। सामान्य रूप से यूनियन का कार्यकाल प्रमाणन की तारीख से तीन वर्ष का होगा। प्रबंधन के साथ महत्वपूर्ण वार्ता या बातचीत को पूरा करने के लिए आवश्यकता पड़ने पर अधिकतम छह महीने का अतिरिक्त समय दिया जा सकेगा।
वहीं, यदि भविष्य में भारत सरकार Industrial Relations Code के तहत कार्यकाल संबंधी प्रावधान में बदलाव कर इसे पांच वर्ष करती है, तो वह बदलाव टाटा वर्कर्स यूनियन पर भी स्वतः लागू हो जाएगा। इसके लिए बाई-लॉज में अलग से संशोधन कराने की आवश्यकता नहीं होगी।
106 साल के सफर में चौथा संशोधन
टाटा वर्कर्स यूनियन के संविधान एवं बाई-लॉज में यह 106 वर्षों में चौथा संशोधन है। कार्यकारिणी समिति से लेकर AGM और अब झारखंड सरकार के रजिस्ट्रार की अंतिम मंजूरी तक पहुंचा यह संशोधन यूनियन के संगठनात्मक ढांचे और भविष्य की कार्यप्रणाली के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।









































