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Jharkhand Sikh News : पटना साहेब मामले में विधायक सरयू राय बोले सिखों के अधिकार सुरक्षित रखने का प्रयास करूंगा

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सिख प्रतिनिधिमंडल को मिला आश्वासन, विधानसभा में उठाएंगे मुद्दा

जमशेदपुर।

सिखों के दूसरे बड़े तखत और गुरु गोविंद सिंह जी की जन्मस्थली तख्त श्री हरमंदिर जी पटना साहिब प्रबंधन कमेटी में झारखंड के सिखों के अधिकार पूर्व की भांति बनाए रखने को हर संभव उपाय करने का आश्वासन जमशेदपुर पूर्वी के विधायक एवं पूर्व मंत्री सरयू राय ने सिख प्रतिनिधिमंडल को दिया। विधायक सरयू राय ने आश्वस्त किया कि वे झारखण्ड विधानसभा में इस सवाल को उठाने के साथ ही व्यक्तिगत स्तर से झारखंड एवं बिहार राज्य के मुख्य सचिव तथा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को पत्र लिखेंगे, जिससे इसका सम्मानजनक हल निकले और आबादी के अनुसार झारखंड को ज्यादा प्रतिनिधित्व मिले।

सिख प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह ने उन्हें ज्ञापन सौंपकर सिखों के अधिकार सुरक्षित संरक्षित रखने का आग्रह किया और बताया कि साल 1956 के संविधान के अनुसार दक्षिण बिहार निर्वाचन क्षेत्र में मताधिकार का प्रयोग झारखंड के सिख गुरुद्वारों के प्रधान करते रहे हैं। लेकिन अब बिहार सिख प्रतिनिधि बोर्ड, बिहार के दक्षिणी बिहार भौगोलिक क्षेत्र के 15 गुरुद्वारा समिति झारखंड के 115 गुरुद्वारा समितियों को मतदान के अधिकार से वंचित रखना चाहते हैं और इसलिए कानूनी कदम भी उठा रहे हैं।

सिख प्रतिनिधिमंडल का तर्क था कि बिहार राज्य पुनर्गठन अधिनियम 2000 के द्वारा झारखंड राज्य का निर्माण हुआ है, उसके बाद भी झारखंड के सिख सभा मताधिकार का प्रयोग करते रहे हैं। ऐसा क्या है जो इस अधिकार से वंचित रखना चाहते हैं। प्रतिनिधिमंडल ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य का बंटवारा भौगोलिक आधार पर हुआ है लेकिन धर्म का बंटवारा नहीं हो सकता और इसे किसी सीमा, परिधि अथवा दायरे में बांधा नहीं जा सकता है। केवल स्वार्थ पूर्ति के लिए कुछ लोग इस तरह के कामों को अंजाम देने में लगे हैं।

इस प्रतिनिधिमंडल में झारखंड गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान शैलेंद्र सिंह, झारखंड सिख प्रतिनिधि बोर्ड के अध्यक्ष गुरचरण सिंह बिल्ला, सीजीपीसी उपाध्यक्ष चंचल सिंह, सलाहकार कुलविंदर सिंह पन्नू, प्रधान अधिवक्ता कुलविंदर सिंह, सेंट्रल सिख नौजवान सभा के पूर्व महासचिव दमनप्रीत सिंह, टेल्को नौजवान सभा के प्रधान अमरीक सिंह सोहल आदि शामिल थे।

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