WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Tatanagar Station : प्लेटफॉर्म नंबर एक में रेल नीर नहीं बेच रहा संचालक, मुनाफे के लिए डुप्लीकेट खाद्य सामग्री की लगाई स्टॉल में भरमार, लगातार शिकयतें, देखें – Video

SHARE:

टाटा से घटशिला जाने के क्रम में यात्री ने अव्यवस्था का किया था खुलासा, ट्वीट पर रेलवे ने दिया कार्रवाई का भरोसा

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

झारखंड से दक्षिण पूर्व रेलवे को सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले टाटानगर स्टेशन के एक नंबर प्लेटफॉर्म में रेलवे अधिकारियों की नाक के नीचे खान पान के स्टॉल में अव्यवस्था का आलम बना हुआ है. कई बार शिकायत होने के बाद भी रेलवे प्रशासन आंख बंद किये हुए है और अव्यवस्था का आलम बेखौफ जारी है. नतीजा सिफर है.

टाटा से घाटशिला जाने के क्रम में एम रवि शंकर राव ने चार दिन पूर्व एक शिकायत की थी. उनका अनारक्षित टिकट नंबर 73232131 था. रेल जीएम, रेल सेवा केंद्र आदि जिम्मेदार लोगों को शिकायत की गई थी. वहां से संज्ञान भी लिया गया. मामले की जांच करने के लिए सीकेपी डिवीजन के संबंधित अधिकारियों को कहा गया, जो ट्वीट (अभी एक्स) पर साफ देखा जा सकता है, लेकिन उसके बाद भी कोई कार्रवाई स्थानीय स्तर पर नहीं की गई.

विश्वनीय सूत्र बताते हैं कि मेसर्स रेल वेव वेंचर नामक स्टॉल टीटीई का बेटा संचालित कर रहा है, इस लिहाज से उसपर होने वाली अनियमितता पर रेल के स्थानीय अधिकारी मेहरबान हैं. स्थानीय मॉल से डुप्लीकेट बिस्किट, केक लाये जा रहे हैं, रेल नीर को ख़राब बताया जा रहा है और मुनाफे के लिए दूसरे ब्रांड के मिनिरल वॉटर धड़ल्ले से बिक्री किये जा रहे हैं.

इससे रेल को क्या नुकसान उठाना पड़ रहा है, इसकी स्थानीय अधिकारियो को कोई परवाह नहीं. सूत्र बताते हैं कि यह सब धन शक्ति का इस्तेमाल है, जिसके चलते नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही है. अब देखने वाली बात होगी की रेलवे के उच्च अधिकारी यह खेल को कब तक चलने देंगे या फिर वरीय अधिकारियों की किरकिरी बनती रहेगी. वैसे आपको बता दें कि यह सब देखने के लिए स्टेशन में डायरेक्टर, दो दो सीसीआई, कैटरिंग निरीक्षक, डिप्टी एसएस बैठाये गए हैं, लेकिन व्यवस्था बनाये रखने में सब फेल साबित हो रहे हैं. हाल में नए सीसीआई राकेश आये हैं. उनसे कुछ व्यवस्था सुधरेगी या फिर और बेहाल होगी, यह देखने वाली बात होगी.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर