WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Big News : रूंगटा प्रबंध निदेशक सहित 5 आरोपियों को सजा, 1.6 करोड़ जुर्माना

SHARE:

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

विशेष न्यायाधीश, पीसी अधिनियम, राउज एवेन्यू जिला न्यायालय ने सोमवार झारखंड में कोल ब्लॉक आवंटन से संबंधित एक मामले में रूंगटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को सजा सुनाई है. सीबीआई कोर्ट ने 30 लाख सहित कुल 1.6 करोड़ रुपये के जुर्माने और 02-03 साल के कारावास की सजा सुनाई है.

रूंगटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड के तत्कालीन प्रबंध निदेशक आर.एस.रूंगटा को 30 लाख रुपये के जुर्माने के साथ 03 साल के कारावास की सजा, संजय रूंगटा को 40 लाख रुपये के जुर्माने के साथ 03 साल के कारावास की सजा, टी.एम.अच्युतन को 40 लाख रुपये के जुर्माने के साथ 03 साल के कारावास की सजा और शंभूनाथ को 20 लाख रुपये के जुर्माने के साथ 2 साल के कारावास की सजा सुनाई गई है.

Gambhir Car Associate Motion Ads

सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ 22.04.2015 को तत्काल मामला दर्ज किया था जो कोयला मंत्रालय की 36वीं स्क्रीनिंग कमेटी द्वारा मेसर्स रूंगटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड को झारखंड राज्य में स्थित हुटार सेक्टर-सी और हुरिलोंग कोयला ब्लॉकों के आवंटन से संबंधित है.

मामले में यह आरोप लगाया गया था कि रूंगटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने झारखंड में हुटार सेक्टर-सी कोयला ब्लॉक के आवंटन की मांग करते हुए कोयला मंत्रालय को 30.12.2006 की तारीख को एक आवेदन प्रस्तुत किया था.कंपनी ने दावा किया था कि यह एक स्वतंत्र खनन इकाई है और उसने झारखंड के हजारीबाग में अपने स्पंज आयरन प्लांट को कोयले की आपूर्ति के लिए एक मजबूत बैक-टू-बैक टाई-अप के साथ एंड-यूज कंपनी के रूप में नामित एक अन्य कंपनी के साथ समझौता किया था.

यह भी आरोप लगाया गया था कि मेसर्स रूंगटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने एंड-यूज प्रोजेक्ट की मौजूदा क्षमता,परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और अब तक किए गए निवेश के बारे में फीडबैक फॉर्म में झूठे दावे किए.इसके अतिरिक्त कंपनी ने अपनी समूह कंपनी को किए गए पिछले कोयला ब्लॉक आवंटन को छुपाया.

जांच के दौरान यह पता चला कि मेसर्स रूंगटा प्रोजेक्ट्स लिमिटेड ने वास्तव में अंतिम उपयोग परियोजना की क्षमता,भूमि अधिग्रहण और किए गए निवेश के बारे में झूठे दावे किए थे जो सभी परियोजनाओं के लिए कंपनी की तैयारी के महत्वपूर्ण संकेतक थे.कंपनी ने जानबूझकर अपने समूह की कंपनी को पिछले कोयला ब्लॉक आवंटन के बारे में जानकारी छिपाई.सीबीआई ने आरोपियों के खिलाफ 30.06.2015 को आरोप पत्र और 29.01.2018 को पूरक आरोप पत्र दायर किया.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर