जिला प्रशासन का पूजा समितियों को निर्देश, भक्ति जागरण, डांडिया और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में मर्यादा बनाए रखना अनिवार्य
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में दुर्गापूजा-2026 के दौरान भक्ति जागरण, नवरात्रि डांडिया नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अश्लील गीत, अश्लील पोशाक और अश्लील नृत्य के आयोजन पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। पूर्वी सिंहभूम के जिला दण्डाधिकारी एवं उपायुक्त कार्यालय की विधि-व्यवस्था शाखा की ओर से जारी आदेश में जिले की सभी दुर्गापूजा समितियों के अध्यक्षों और सचिवों को कार्यक्रमों की मर्यादा बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वाले आयोजकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इस वर्ष दुर्गापूजा का त्योहार 11 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2026 तक मनाया जाएगा, जबकि 21 अक्टूबर को प्रतिमा विसर्जन किया जाएगा। इस दौरान जिले के विभिन्न स्थानों पर भक्ति जागरण, डांडिया नृत्य और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
सांस्कृतिक परंपरा की मर्यादा बनाए रखने पर जोर
जिला प्रशासन ने अपने आदेश में दुर्गापूजा को सांस्कृतिक एवं परंपरागत धरोहर बताते हुए इसे सम्मान और शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने की अपील की है। पूजा समितियों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि उनके आयोजनों में किसी भी प्रकार की अश्लीलता न हो और ऐसे कार्यक्रमों से शांति एवं विधि-व्यवस्था प्रभावित नहीं हो।
पूजा समितियों की होगी जिम्मेदारी
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि दुर्गापूजा के अवसर पर आयोजित होने वाले धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के दौरान निर्धारित मर्यादा का पालन कराना संबंधित पूजा समितियों की जिम्मेदारी होगी। जिला प्रशासन ने त्योहार को शांतिपूर्ण और सफल बनाने के लिए सभी समितियों तथा आम नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा की है।
यह आदेश 8 अक्टूबर 2026 को जारी किया गया है। इसकी प्रतिलिपि उपायुक्त, वरीय पुलिस अधीक्षक, नगर एवं ग्रामीण पुलिस अधीक्षक तथा धालभूम और घाटशिला के अनुमंडल पदाधिकारियों को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजी गई है।


































